Tuesday, October 5, 2021

नये समय मे पुराना आदमी

जीवन जैसे जैसे आगे बढ़ता है, पीछे कुछ छूटता जाता है। जो छूट जाता है वो छूट कर कहाँ जाता है ये तो नही पता लेकिन उन गुजरे हुए पलों के कुछ हिस्से मन के किसी कोने में हमेशा के लिए याद बन कर रह जाते हैं। पिछली कितनी उम्र छूट गयी हैं और न जाने कितनी और बाकी हैं।

तमाम उम्र यही सोचता रहा हूँ कि ये आने वाली उम्र पिछली उम्र से बेहतर होगी और तमाम उम्र यही हुआ है कि उस उम्र से बेहतर कोई उम्र गुजरी ही नही। साल का वही दिन है जब एक उम्र की एक दहलीज को पार कर दूसरी उम्र में जाना है।
समय का पहिया जब तक चल रहा है हम हर दिन पुराने होते जा रहे हैं। नए समय मे पुराना आदमी!!

#अंशुमान